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DTDE-23

Hindi-English Sentences used in Daily Conversation

ये सामान्य वाक्य हैं जिनका उपयोग हम अपनी दैनिक बातचीत में करते हैं। कृपया उन्हें बारंबार पढ़ें, उन्हें समझने की कोशिश करें और अपनी दैनिक बातचीत में उनका उपयोग करें।

These are the common sentences that we use in our daily conversations. Please read them again & again, try to understand them and use them in your daily conversations.

कैप्टन ने रेडियो द्वारा उस देश की नैवी को सहायता के लिये संदेश भेज़ा । The captain radioed the country's navy for assistance.
उस देश की नैवी (जल सेना) ने उन्हें स्वास्थ्य सुविधा प्रदान की । That country's navy provided them with medical help.
उन्होंने उनके व्यक्तव्यों को दर्ज किया और उनको जेल भेज दिया । They recorded their statements and sent them to prison.
बेचारा कैप्टन और नाविकजन परिस्थिति के शिकार थे । The poor captain and the crew members were victims of circumstances.
वे अपराधी नही थे । They were not criminals.
जब एक संगठन या देश सही तस्वीर देखना नही चाह रहा हो, वह किसी तर्क को नही सुनता है । When an organization or a country is not willing to see the real picture, it does not listen to any argument.
वे भी चिल्लाये की वे बेगुनाह थे परन्तु सब व्यर्थ था । They also cried that they were innocent, but all were in vain.
जेल में उनको मुर्गा बनाया गया । In prison, they were made sit in chicken style.
दूसरे पेशेवर अपराधी 10-12 घंटे तक मुर्गे बने रहने में सफल हुए । Other professional criminals managed to sit 10-12 hours in chicken style.

कैप्टन उस तरह 10 मिनट भी नही बैठ सका । The captain could not sit like that even for 10 minutes.
उनको खाना और टॉयलेट इस्तेमाल करने का सुख भी खरीदना पड़ता था । They had to buy food and even the luxury of using the toilet.
उनको पेशाब-घर के लिये भी धन देना पड़ता था । They had to pay money to go to loo also.
पेशाब घर वे सुबह से देर शाम तक इस्तेमाल कर सकते थे । They could use the loo from morning to late evening.
रात को उन्हें एक बाल्टी में मूत्र करना होता था जो उनकी 80 आदमियों की कोठरी में रखी थी । At night they were to piss in a bucket which was kept in their cell of 80 people.
उनके परिवार हरकत में आये । Their family swung into action.
उन्होंने सरकार से याचना की और सामाजिक संचार मध्यम पर गुहार की । They petitioned the government and launched appeals on social media.
समय के साथ सब नाकाम लगने लगा । With time, everything seemed to fail.
5-6 महीने बीत गए और वे मासूम अभी भी जेल में थे । वे वहां एकदम दुखदायी जीवन जी रहे थे । Five-six months passed, and the innocents were still in prison. They were living a torturesome life there.

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