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DTDE-21

Hindi-English Sentences used in Daily Conversation

ये सामान्य वाक्य हैं जिनका उपयोग हम अपनी दैनिक बातचीत में करते हैं। कृपया उन्हें बारंबार पढ़ें, उन्हें समझने की कोशिश करें और अपनी दैनिक बातचीत में उनका उपयोग करें।

These are the common sentences that we use in our daily conversations. Please read them again & again, try to understand them and use them in your daily conversations.

दूर से उन्होनें देखा की एक शाखा हिल रही थी । From a distance, they saw that a branch was shaking.
उन्होंने पुकारा, "नरेन, नरेन ।" They called "Naren, Naren !"
नरेन्द्रनाथ ने जवाब दिया, "हां, मैं यहां हूँ । यहां आओ ।" Narendranath replied, "Yes, I am here. Come here."
बच्चों ने जवाब दिया, वहां एक भूत रहता है । वह बच्चो की मुंड़ी तोड़ देता है । क्या तुम उससे नही डरते हो ? Boys replied, "There stays a ghost. He breaks the neck of boys. Are you not afraid of him?
नरेन ने जवाब दिया, "मैं यहां इन दिनों आता रहा हूँ । देखो मुझे कुछ नही हुआ है ।" Naren replied, "I have been coming here along for these days. See nothing has happened to me."
उस उम्र में, स्वामीजी ने बच्चों को सिखाया, "जब आप देखते हैं या अनुभव करते हैं तो विश्वास करें।" At that age, Swamiji taught the children, "Believe when you see or experience."
उनकी भगवान में आस्था थी । वे सभी चीजो को देखकर या अनुभव कर विश्वास करना चाहते थे । He had faith in God. He wanted to believe everything either on seeing or experiencing the things.
इसलिये वह भगवान को जानना चाहते थे और तीव्र इच्छा थी की ऐसे व्यक्ति से मिले जिसने भगवान को देखा हो और उन्हें भगवान से मिलाने में मार्गदर्शन दे । Therefore, he wanted to realize God and had an earnest desire to meet a man who had seen God and guide him to meet God.
उन दिनों ब्रह्म समाज के नेता श्री देवेन्द्रनाथ टैगोर थे जो नोबेल पुरुस्कार से सम्मानित श्री रविंद्रनाथ टैगोर के पिताजी है । That time leader of the Brahmo Samaj was Shri Debendranath Tagore, who is the father of Nobel laureate Shri Rabindranath Tagore.

उन्होंने ब्रह्म समाज के अगवा से सवाल पूछा था, "क्या आपने भगवान को देखा है ?" He had asked the question to the leader of Brahmo Samaj, "Sir, have you seen God?"
किसी के पास इस प्रश्न का सीधा जवाब नही था । No one had the straight answer to this question.
भाग्य ने उनको जगत गुरू रामकृष्ण के चरणों में ला खड़ा किया था । Destiny had brought him at the feet of Jagat Guru Ramakrishna.
उन्होंने उनसे भी वही सवाल किया था । He had asked the same question to him also.
दूसरे ही क्षण, रामकृष्णा जी ने दृढता से जवाब दिया, "हां, मैने भगवान को देखा है और उससे ज्यादा साफ जो मैं तुम्हें देख रहा हूँ ।" The very next moment, Ramakrishna jee replied with conviction, "Yes, I have seen God and clearer than I see you."
और उन्होंने कहा, "परन्तु कौन भगवान से मिलना चाहता है ? हर कोई अपनी इच्छा पूरी करना चाहता है । Further, he added, "But who wants to meet God? Everybody wants to fulfil their wishes.
लोग अपनी पत्नी, बच्चे, धन, दौलत आदि के लिये आँसू बहाते है । People shed tears for their wives, children, wealth, property, etc.
कौन भगवान को देखने के लिये रोता है ? Who weeps for the vision of God?
यदि कोई सचमुच भगवान के लिये रोता है, वह उसे अवश्य देख सकता है । If one cries sincerely for God, one can surely see Him.

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